Sunday, September 29, 2019

नाभि में छुपा है सेहत का राज

हमारी नाभि हमारे शरीर का केंद्र है नाभि हमारे शरीर के सभी अंगो से जुडी होती है इसलिए नाभि के जरिये हम अपनी कई स्वास्थ समस्या को खत्म कर सकते है नाभि में तेल लगाने से कई फायदे होते है | 

नाभि में छुपा है सेहत का राज
नाभि में छुपा है सेहत का राज 


1. स्वस्थ पाचनतंत्र :- अगर आपको अपच की समस्या रहती है या बहुत फ़ूड पोइजिंनिंग हो जाती है तो आप अदरक और पुदीने के तेल को मिलाकर नाभि में लगाने से गैस,दस्त,फ़ूड पोइजिंनिंग की समस्या  खत्म हो जाती है |

2. घुटनो का दर्द :- अगर आपके घुटनों में तकलीफ हो हो रात को अरंडी का तेल नाभि में लगाकर सोई  ऐसा लगातार करने से घुटनों की समस्या ठीक हो होगा |

3. कील मुहासे :- अगर आप नीम के तेल को नाभि में लाकर मसाज करने से कील मुहासे खत्म हो जायेगे और आपकी त्वचा सूंदर होगी

4.  रूखी त्वचा :-रात को बादाम का तेल नाभि म लगाने से रूखी त्वचा ठीक हो जाती है

5. पीरियड्स का दर्द :- अगर किसी को पीरियड्स में बहुत जादा दर्द रहता है तो  अदरक पुदीना के ताल में सरसों का तेल मिलाकर लगाने से दर्द से राहत मिलती है |

6. रूखे होंठ :- अगर किसी के होंठ सुख जाते है तो रोज रात को शुद्ध घी को अपने नाभि में लगाकर सोने से रूखे होंठ मुलायम हो जाते और लगातार ऐसा करने से होंठ गुलाबी भी जाते है |

7. सफ़ेद बाल :- आज के समय में कम उम्र में भी बाल सफ़ेद हो रहे है तो अपने सफ़ेद बालो की समस्या को खत्म करने के लिये रोज रात में नाभि में नारियल ,सरसों और शुद्ध घी  को मिलाकर कुछ बुन्दे लगाये इससे आपके सफ़ेद बाल काले हो जाएगे और धीरे धीरे नए बाल भी उगने लगेगे |

Saturday, September 28, 2019

सौंफ के हैरान कर देने वाले फायदे

सौंफ़ और इसके बीज स्वास्थ्य के लिया लाभकरी  होते है और इस के अंदर एंटीऑक्सिडेंट, विरोधी तत्व होते है और जीवाणुरोधी  तत्व भी प्रदान करता है सौंफ और सौंफ के बीज हमारे लिया कितने  लाभकारी और फायदेमंद  होते है 


सौंफ
सौंफ

1. अधिक मात्रा में पोषक तत्व होना 


सौंफ और इसके बीज दोनों ही पोषक तत्वों से भरे होते हैं।और सूखे सौंफ के बीज का 1 बड़ा चमचा (6 ग्राम) के
पोषक तत्व है |

कैलोरी 27
फाइबर 3 ग्राम
विटामिन C 12%
कैल्शियम  का 3%
आयरन 4%
मैग्नीशियम के 4%
पोटेशियम का 8%
मैंगनीज  का 7%

सौंफ़ और सौंफ़ के बीज दोनों में ही कैलोरी में बहुत कम होती हैं, लेकिन फिर भी ये कई महत्वपूर्ण पोषक तत्वों को प्रदान करते हैं।सौंफ़ विटामिन सी का एक अच्छा स्रोत है, जो सरीर स्वास्थ्य, ऊतक की मरम्मत करता है | विटामिन सी आपके शरीर में एक शक्तिशाली एंटीऑक्सिडेंट के रूप में भी काम करता है,

सौंफ और सौंफ के बीज दोनों में खनिज मैंगनीज होता है, जो एंजाइम सक्रियण, चयापचय, हड्डी विकास, ब्लड सुगर और घाव भरने के लिए महत्वपूर्ण है।

मैंगनीज के अलावा, सौंफ़ और इसके बीजों में पोटेशियम, मैग्नीशियम और कैल्शियम सहित हड्डियों को स्वास्थ्य और मजबूत रखता है

2. सौंफ एक शक्तिशाली पोषक तत्व है 



सौंफ और सौंफ के बीज का सबसे प्रभावशाली लाभ एंटीऑक्सिडेंट और शक्तिशाली पौधे यौगिकों से आता है।

सौंफ और सौंफ के बीज में  एंटीऑक्सिडेंट शक्तिशाली विरोधी तत्व होता  हैं जो आपके शरीर स्वास्थ्य और शक्तिशाली बनाने में योगदान देता है ।

सौंफ और सौंफ के बीज में  एंटीऑक्सिडेंट्स भरपूर मात्रा में होता है इसे भोजन में शामिल करने से
हृदय रोग, मोटापा, कैंसर, तंत्रिका संबंधी रोग और मधुमेह जैसी पुरानी रोग भी कम हो जाते है

सौंफ का फूल
सौंफ का फूल 

3. सौंफ के बीज भूख को दबा सकते हैं

सौंफ़ के बीज न केवल आपके व्यंजनों में गहराई और स्वाद जोड़ सकते हैं बल्कि भूख को रोकने में भी मदद करते हैं।

एक अध्ययन से पता चला है कि जो लोग दोपहर का भोजन करने से पहले 2 ग्राम सौंफ के बीज के साथ बनाई गई चाय पीते है , उन्हें भूख कम लगती है  और भोजन करते समय कम कैलोरी लेते है| |

सौंफ के संभावित भूख को दबाने वाले गुणों को पूरी तरह से समझने के लिए अधिक अध्ययन की आवश्यकता है।

4. सौंफ और इसके बीज हृदय रोग के लिया फायेदमंद है | 

सौंफ और इसके बीजों को खाने से दिल की सेहत को कई तरह से फायदा होता है, क्योंकि इस ये  फाइबर से भरे होते हैं

सौंफ़ और इसके बीजों में मैग्नीशियम, पोटेशियम और कैल्शियम जैसे पोषक तत्व होते हैं, जो हमारे  दिल को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं

हमारे  आहार में पोटेशियम के समृद्ध मात्रा हो तो , उच्च रक्तचाप को कम करने में मदद मिलती है, ये एक हृदय रोग के लिए एक अच्छा विकल्प है
सौंफ का पौधा
सौंफ का पौधा 

5 .सौंफ़ और इसके बीजों से स्तनपान कराने वाली महिलाओं को फायदा होता है  |  

सौंफ़ में गैलेक्टोजेनिक गुण पाए जाते हैं, जिसका अर्थ है कि यह दूध को बढ़ाने में मदद करता है। शोध बताते हैं

सौंफ़ दूध स्राव और प्रोलैक्टिन के रक्त के स्तर को बढ़ा सकती है - एक हार्मोन जो शरीर को स्तन के दूध का उत्पादन करने के लिए संकेत देता है

 स्तनपान कराने वाली महिलाओं को दूध उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए सौंफ का उपयोग करने से पहले   अपने स्वास्थ्य सेवा प्रदाता से परामर्श करना चाहिए।

6 अन्य कुछ और लाभ 

 सौंफ़ और इसके बीज आपके स्वास्थ्य को निम्नलिखित तरीकों से बेहतर बना सकते हैं:

सौंफ़ और इसके बीज के प्रयोग से सूजन को कम कर सकता है। सौंफ़ में शक्तिशाली एंटीऑक्सिडेंट होता  है , जिसमे विटामिन  होता है जो सूजन को कम करता है

सौंफ़ और इसके बीज के प्रयोग से मानसिक स्वास्थ्य में लाभ हो सकता है।

सौंफ़ और इसके बीज के प्रयोग से महिलाओं में यौन क्रिया और संतुष्टि में सुधार कर सकती है, साथ ही ये योनि की खुजली, सूखापन, सेक्स के दौरान दर्द  से छुटकारा दिला सकती है।

सौंफ
सौंफ

सारांश

  • सौंफ और सौंफ के बीज विटामिन सी, कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटेशियम और मैंगनीज जैसे महत्वपूर्ण पोषक तत्व प्रदान करते हैं।
  • सौंफ में सभी भाग क्लोरोजेनिक एसिड, लाइमोनीन और क्वेरसेटिन जैसे शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं - ये हमारे शरीर को स्वास्थ्य और तंदुरुस्त रहता है 
  • सौंफ़ के बीज भूख को कम कर सकते हैं
  • सौंफ़ और इसके बीज में फाइबर, पोटेशियम, मैग्नीशियम और कैल्शियम होते हैं - जो हमारे  हृदय के लिया लाभकारी है  


Friday, September 27, 2019

मिथ्या नही विज्ञान

हमारी हिन्दू सभ्यता के पिछे कई वैज्ञानिक तर्क है | 

हाथ जोड़कर नमस्ते करना
हाथ जोड़कर नमस्ते करना

हाथ जोड़कर नमस्ते करना :- जब हम किसी से मिलते है और दोनों हाथ जोड़कर नमस्ते करते है तो योग की एक मुद्रा बनती है जिसे अंजली मुद्रा कहते है इसमें हमारी उँगलियों के शिर्ष भाग आपस में मिलते है और इन पर दबाव बनता है जिसका असर हमारे आंख ,नाक और दिमाग पर होता है जिसके कारण हम मिलने वाले व्यक्ति को लम्बे समय तक याद रख सकते है | 

 मूर्ति पूजा

                मूर्ति पूजा

 मूर्ति पूजा:- भारती परंपरा में मूर्ति पूजा की जाती है इसका कारण यह है की ध्यान लगाने के लिया हमे एक केंद्र चाहिए होता है हम वैसा ही सोचते है जो हमारे सामने दिखाई देता है और हमारे सामने भगवन की मूर्ति हो तो हमारा  ध्यान  भगवन पे ही केंद्रित होता है| उदहरण के लिए  : अगर हमारे हाथ में एक सिक्का हो तो हम धन के बारे में ही सोचते है उसी तरह को देखने से पूजा में ध्यान केंद्रित होता है |  

मंदिर में घंटी बजाना
मंदिर में घंटी बजाना

मंदिर में घंटी बजाना :- मंदिर में पूजा की शुरुआत घंटी बजा कर की जाती है इसका वैज्ञानिक तर्क यह है की घंटी की ध्वनि हमारे दिमाग से विपरीत तरंगो को दूर करती है | घंटी की आवाज हमारे दिमाग में सात सैकेंड तक इको करती है जिससे हमारे शरीर के सात उपचारात्मक केंद्र खुल जाते है जिससे हमारे दिमाग से नकारात्मक सोच दूर रहती है

मंदिर में परिक्रमा
मंदिर में परिक्रमा

 मंदिर में परिक्रमा:-  जब हम मंदिर जाते है और मंदिर के गर्भ गृह की परिक्रमा करते है तो इससे हमारा शरीर , मन और आत्मा तीनो को ऊर्जा मिलती है उसका कारण यह है की मंदिर का गर्भ गृह ताम्बे से वैदिक परम्परा के अनुसार बनाया जाता है और यहा  बहुत ही ज्यादा सकतात्मक ऊर्जा होती है और इसकी परिक्रमा से सकरात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है | 

सिंदूर लगाना
सिंदूर लगाना

सिंदूर लगाना :- सिंदूर हल्दी, चुना और पारा धातु के मिश्रण से बनता है जिसको सर पर लगाने से रक्तचाप में नियंत्रण अता है | सिंदूर में पाया जाने वाला पारा शरीर को दवाब और तनाव से मुक्त रखने में मदद करता है | 

बिछिया पहनना
बिछिया पहनना

बिछिया पहनना :- बिछिया पहनने का सिर्फ यह मतलब नहीं है की उसे पहनने वाली लड़की शादी शुदा है इसको पहनने का वैज्ञानिक तर्क यह है कि बिछिया रक्त के प्रवाह को नियमित करने में मदद करता है | चाँदी का बिछिया ऊर्जा को अवशोषित कर स्वस्थ रखने में मदद करता है |

 चुड़ियां पहनना
 चुड़ियां पहनना
 चुड़ियां पहनना :- हमारी शरीर की कलाई बहुत महत्वपूर्ण हिस्सा है इस जगह पर हाथ रखकर नाड़ी की धड़कन को चैक किया जाता है इससे शरीर की कई बिमारियों का पता लगता है इसके अलावा शरीर के बाहरी त्वचा से गुजरने वाली तरंगो को बहार निकलने के लये कोई जगह नहीं मिलती तो यह चूड़ियो की वजह से वापिस शरीर में चली जाती है |  






Thursday, September 26, 2019

लौकी का जूस पीने के फायदे जानकर हैरान रह गए आप

लौकी एक बेल है जो अपने फल के रूप में उगाई जाती है। जिसका उपयोग सब्जी के रूप में किया जा सकता है  लौकी पीले-हरे रंग की होती है और आमतौर पर बोतल के आकार की होती है। सब्जी में एक सफेद गूदा होता है, जिसमें सफेद बीज होते हैं जो स्पंजी मांस में होते हैं। इसकी खेती श्रीलंका, भारत, इंडोनेशिया, मलेशिया, फिलीपींस, चीन और दक्षिण अमेरिका के आर्द्र मौसम में की जाती है


जब लौकी को पकाया या पकाया जाता है, तो इसमें शामक और एंटी-बाइलस गुण होते हैं। लॉकी  का जूस या  खाने से शरीर ठीक रहता है और एक लग सी ऊर्जा का एहसास होता है
लौकी

 लौकी सेहत के लिया कितनी लाभकारी 

 लौकी आहार फाइबर में समृद्ध है, दोनों घुलनशील और अघुलनशील। इसलिए, यह कब्ज, पेट फूलना और यहां तक ​​कि बवासीर को ठीक करने में मदद करता है।

यह वजन घटाने में मदद करती । लौकी में विटामिन, खनिज और आहार फाइबर शरीर को अच्छी तरह से पोषण देते हैं और  खासकर जब  आप सुबह खाली पेट इसका रस पीते हैं। जब  ज्यादा लाभकारी होता है

लौकी में  वसा और कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बहुत ही काम होती है

इसमें लगभग 96% पानी होता है जो हमारे शरीर के लिया लाभकारी है । और  थकान को भी काम करता है और गर्मियों के दौरान शरीर को ठंडा और तरोताजा रखता है।

लौकी के अंदर आयरन तत्व के अलावा यह विटामिन बी और सी से भी समृद्ध है,

लौकी में  सोडियम, पोटेशियम, आवश्यक खनिज तत्व भी होते हैं, जो रक्तचाप को नियंत्रित करते हैं और हृदय रोगों को होने से रोकते है 

उच्च सोडियम और पोटेशियम,  लौकी भी उच्च रक्तचाप वाले लोगों के लिए लौकी एक अच्छा विकल्प है

लौकी कम कैलोरी वाले आहार के साथ-साथ बच्चों, पाचन समस्याओं वाले लोगों, मधुमेह और बीमारी या चोट से उबरने वाले लोगों के लिए एक उपयुक्त सब्जी है।

आयुर्वेद के चिकित्सकों द्वारा लिवर फंक्शन को संतुलित करने के लिए लौकी की सिफारिश की जाती है, जब लीवर को पोषण और ठीक करने के लिए भोजन में इसे खाने की सहला दी जाती है 

लौकी का जूस


लौकी के जूस के फायदे:


सुबह एक गिलास लौकी का रस पीने से भूरे बालों का इलाज करने में मदद मिलती है।

लौकी का रस को तिल के तेल में मिलाकर एक प्रभावी दवा है। इस से  खोपड़ी की मालिश करें। जिस से बालो के लिया लाभकारी है

 लौकी का रस पागलपन, मिर्गी, पेट की अम्लता, अपच, अल्सर और अन्य तंत्रिका रोगों के इलाज में बहुत मददगार है।

एक गिलास  लौकी का रस, थोड़े से नमक के साथ मिलाकर शरीर से सोडियम की अत्यधिक हानि को रोकने में मदद करता है।

 लौकी का रस एक क्षारीय मिश्रण के रूप में कार्य करता है जो मूत्र मार्ग में जलन से राहत देता है।

 लौकी के पत्तों से निकाला गया रस पीलिया में लाभकारी  है।

 लौकी का जूस बने की सही विधि 

लौकी ले कर उसे साफ कर ले और उसे एक टुकड़ा सही से चेक करे की वो करड़वा तो नहीं है

 लौकी को छीलकार और छोटे छोटे टुकड़े  में काट लें। फिर उन्हें एक मिक्सी में डालें

स्वाद के अनुसार काली मिर्च और नमक डालें।

 लौकी के रस का स्वाद और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर बनाने के लिए नींबू के कुछ टुकड़े भी मिला सकते हैं।

दुनिया भर में, अधिक से अधिक लोग इसके स्वास्थ्य लाभों को महसूस करने के बाद अपनी जीवन शैली में  लौकी को स्वीकार कर रहे हैं।

 इसके सेवन के बाद व्यक्ति को आराम का एहसास होता है क्योंकि यह हल्का और कैलोरी में कम होता है।  और सिरदर्द को ठीक करता है। हालांकि, लौकी को कच्ची अवस्था में नहीं खाना चाहिए क्योंकि यह पेट और आंतों के लिए हानिकारक साबित हो सकती है।

 लौकी अच्छे स्वास्थ्य शरीर के लिया एक अच्छा ऑप्शन है आखिर मैंने  लौकी को अपने जीवन शैली में इस उपयोग के और अपना जीवन  आनंद में रहें

घर के लिए पांच शुभ पौधे



    शुभ पौधे का मतलब है ऐसा पौधा जो आपको शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रखने में मदद करे | हमारी भारतीय सभ्यता में  इन पांच पौधों को बहुत ही सुबह मना गया है और इन पौधों को वैज्ञानिक आधार पर भी बहुत ही लाभकारी मना जाता है | 



1 . तुलसी 

     तुलसी को बहुत ही शुभ मना जाता है और यह लगभग हर घर में होता है इस पौधे का बहुत ही ज्यादा ओषधिक लाभ है | यह सर्दी ,खासी ,भुखार , रक्तचाप और खून को साफ करने में मदद करता है | तुलसी  को  धार्मिक परम्परा के अनुसार लक्षमी का रूप मना जाता है  यह घर से नकारात्मकता को दूर करती है यह घर में सुख, शांति और समृद्धि का विकास करती है। इसके नियमित सेवन से किसी भी प्रकार का गंभीर रोग नहीं होता है।



2 .शमी (खेजड़ी )


     शमी को खशीहाली लाने वाला पौधा मना जाता है यह सिर्फ भारतीय परिवेश में ही नहीं  दुनिया के सभी धर्मो में शुभ मना गया है | इसका धर्मिक और औषधिक दोनों महत्व है |





3 . केला 

     केले का पौधा भी बहुत शुभ होता है | केले का पत्ता, तना, जड़ , फूल , फल सभी औषधि है और जीवन दायनी है और जिससे जीवन मिले वो शुभ ही होता है और धार्मिक परम्परा के अनुसार केले में विष्णु का वास होता है इसलिए इसे तुलसी के साथ पूजा जाता है | चारदीवारी में केले का वृक्ष लगाना शुभ है। बृहस्पति ग्रह का कारक होने के कारण इसे ईशान कोण में लगाना शुभ है।








4. पान 

     पान को बहुत ही शुभ मना जाता है इसके बिना कोई भी पूजा संपन्न नहीं होती है यह एक औषधि भी है और यह पौधा हवा को भी साफ करता है|





5 . अपराजिता 

     यह पौधा अपने नाम की तरह ही काम भी करता है यह मानसिक तनाव को दूर करता है और मानसिक रूप    से स्वस्थ बनाता है |







Sunday, September 22, 2019

अंडे की सब्जी कम समय मैं कैसे बनाते हैं


अंडे की सब्जी  कम समय मैं कैसे बनाते हैं 

अंडे की सब्जी एक ऐसी सब्जी है जो कि आप बहुत ही कम समय में बना सकते है अ और आपको देर हो रही है तो तो ऐसे टाइम पे आप बहुत की कम समय में अंडे कि सब्जी बना सकते है | अंडे की सब्जी को आप रोटी, चावल आदि के साथ खा सकते है | इसमें अगर आप चाहे तो ग्रेवी कम या ज्यादा भी कर सकते है |

अंडे की सब्जी


सामग्री :-


  • अंडा 6
  • प्याज 2
  • मिर्च 4
  • अदरक पेस्ट 1 चम्मच
  • लहसुन पेस्ट 1 चम्मच
  • टमाटर 2 (मिक्सर में पीस ले)
  • जीरा 2 चुटकी
  • धनिया पत्ता
  • मिर्च पाउडर1 चम्मच
  • हल्दी पाउडर1 चम्मच
  • धनिया पाउडर 1 चम्मच
  • गरम मशाला 1 चम्मच
  • नमकस्वाद अनुशार
  • तेल 100 ग्राम
  • मेथी पत्ता

अंडे की सब्जी
अंडे की सब्जी



अंडे की सब्जी बनाने की विधि :


  • सबसे पहले आप अंडे को उबाल कर उसे छीलकर उसमे थोड़ा थोड़ा कट लगाले ताकि अंडे को तलते समय  ज्यादा तेल के  छिट्टा ना उड़े | फ्राई करते समय 
  • अब गैस पे कड़ाई  रखे और उसमे तेल डालें | फिर उसमे मिर्च, हल्दी, काली मिर्च और नमक डाल दे |
  •  फिर उसमे अंडे को डालकर थोड़ी देर फ्राई कर ले |
  • अब एक दूसरी कढ़ाई  में थोड़ा सा तेल डालें और गरम होने के बाद उसमे सरे खड़े मसाले डाले जैसे जीरा दालचीनी,तेजपत्ता,लोंग और गरममसाला को डाल दे | 
  •  फिर उसमे प्याज को डाल दे और उसे गोल्ड ब्रायन  होने तक पकने दे  |
  •  अब उसके अंदर  अदरक, लहसुन पेस्ट, हरी मिर्च, हल्दी पाउडर, मिर्च पाउडर, धनिया पत्ता डालकर उसे अच्छे से पकने दे  
  •  अब उसके बाद टमाटर डाल दे और उसे थोड़ी 5 से 7 मिनट  पकाये |
  •   जब टमाटर अच्छे से पक जाये तो उसमे उतना ही  पानी डाले जितनी ग्रेवी आपको बनानी हो उसके बाद उसे 5  मिनट तक पकाये |
  • उसके बाद उसमे  फ्राई किये हुए अंडे को डाल दे, और उसमे 2 से 3 मिनट  पकाये |
  • अब आपका अंडा बन कर तैयार है अब आप इसे रोटी या चावल के साथ परोसे 

  • अंडे को फ्राई करने से पहले उसे कट लगा दे ताकि मसाला के स्वाद  अंदर तक जाये |
  • अंडे को बनाते समय ध्यान रखे की उस अच्छे से मध्यम आंच पे पकाये |जिसे अंडे की सब्जी मे स्वाद अच्छा आएगा 

Saturday, September 21, 2019

हमारे जीवन मैं किया जरुरी होना चाहिए

परिचय 

आज के समय मैंने जीवन मैंने कुछ न कुछ अलग सा ही होता रहता हैं मगर हम 
अपनी व्यस्त जीवन मैं कुछ ऐसी बातें कर देते है जो हमने पता नहीं होता क हम 
ने अनजाने मैंने किया कर दिया है हमने खुद नहीं पता होता 
हमारे जीवन मैं किया जरुरी होना चाहिए
ऑफिस आलसी 


ऑफिस जाते समय जो गलती कर देते 

मनुष्य दिन पर दिन आलसी होता जा रहा मैंने खुद देखा है की लोग सुबह जब अपने काम या 
ऑफीस जाते है तो चल न पसंद नहीं  करते कियो की मनुष्य की आदत होगी है अपना काम 
समय पर न करने की इस वहज से लोगो को कितनी परेशनियों का सामना करना पड़ता 
  1. समय पर न खाना 
  2. समय पर न सोना 
  3. समय पर न उठना 

आज की दुनिया मैंने टेक्नोलॉजी सुविधा और असुविधा 

आज की दुनिया मैंने टेक्नोलॉजी  बानी थी मनुष्य  की सुविधा के लिया मगर ये तो मनुष्य  के लिया 
असुविधा बनती जा रही इस के पीछे भी मनुष्य  का हाथ है कियो की टेक्नोलॉजी जितनी जरूरत हो
 उतना ही उसका प्रयोग करना चाहिए टेक्नोलॉजी को सही तरीके से प्रोयग किया किया जाये तो वो
 मनुष्य के वरदान साबित होती है और टेक्नोलॉजी का गलत इस्तमाल से ये ही टेक्नोलॉजी अभिशप 
हो सकती है इस लिया मनुष्य को इस टेक्नोलॉजी के संसाधनों का गलत उयपोग  नहीं करना चाहिए 

हमारे जीवन मैं किया जरुरी होना चाहिए
ालशी 


मनुष्य कोअपनी वहज से  होने वाली असुविधा 

आज का मनुष्य इतना आलसी हो गया है की कुछ भी खुद नहीं करना चाहता न ही अपना काम 
हर काम  करने के लिया नौकर रखे है खुद कुछ न करने की वहज से अपने अंदर कितने प्रकार 
की बीमारियों को जन्म दे रहा है उसे  कुछ नहीं पता इस एक करण और है वो अपना काम समय 
पर न करना एक मुख्या वजह ये भी है 

आने वाली परिस्थिति इस से भी खरब हो सकती है 

जैसे ऊपर लिखा है इस परिस्थिति मैं इ अगर सुधर नहीं आया तो हो सकता 
परिस्थति इस भी खरब हो सकती है और प्रकृति संसाधनों की कमी के करण 
भी कुछ परिस्थिति ऐसी होगी है कियो ली 







हमारे जीवन मैं किया जरुरी होना चाहिए
व्यायाम

इस सब से बचनें के लिया सुझाब 

  • आलसी अपना को ख़त्म करो 
  • व्यायाम करे रोज 
  • समय से खाना खाए 
  • दिन मैं कम से कम  २ से ३ किलोमीटर चले 
  • योगा भी करे 
  • घर का खान खाये 
  • जंकफूड से जीतन बच सखे तो अच्छा होगा 
  • कोई भी नशे की वस्तु का प्रयोग न करे 

ये कहानी जरूर पड़े :-मेरी कहनी 

योगेश कुमार